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6-7 दाने बादाम के लें और रात काे किसी काँच के बर्तन में भिगाे दें। सुबह उनका लाल छिलका उतार कर बारीक पीस लें। जितना बारीक पीसेंगे उतना अच्छा रहेगा। अगर आँखें कमजाेर हैं ताे साथ में चार दाने काली मिर्च के भी मिला लें। इसे उबलते हुए दूध में मिलाएं और तीन उफान आने दें। इसके पश्चात इसमें एक चम्मच देसी घी (गाय का) और दाे चम्मच बूरा मिला कर ठंडा करें (पीने लायक) और सुबह खाली पेट पी लें और अगले दाे घंटाें तक कुछ भी न खाएं पीएं।

इससे मस्तिषक काे बल मिलता है और स्मरण शाक्ति बढ़ती है।

यह प्रयाेग आँखाें के लिए भी अच्छा है। पढ़ने वाले विद्यार्थियाें के लिए उत्तम है। इसके तीन चार दिन के प्रयाेग से आधे सर के दर्द में आराम आता है।

यह याेग बल और वीर्य वर्धक भी है।

बादाम काे भिगाे कर और छील कर खूब चबा कर खा लें और ऊपर से गर्म दूध पी लें।

बादाम काे जितना चबा कर खाएंगे उतना अधिक लाभ हाेगा।

इसके विकल्प में 3 ग्राम शंखपुश्पी का चूर्ण गर्म दूध या मिश्री की चाशनी के साथ लें।

यह लेख केवल आपकी जानकारी के लिए है। किसी अच्छे आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह करें।

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